दो सूत्रीय मांगों को लेकर बीज निगम के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी…

श्रम सम्मान निधि बहाल करने और मृतक कर्मचारियों के परिजनों को सहायता राशि देने की मांग तेज…
जांजगीर। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं। कर्मचारियों के आंदोलन के कारण निगम के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारी धरना स्थल पर बैठकर शासन और निगम प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार निगम में कार्यरत लगभग 282 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले लगभग 2 वर्ष 5 माह से मिलने वाली ₹4,000 की श्रम सम्मान निधि अचानक बंद कर दी गई है। यह राशि कर्मचारियों के लिए आर्थिक सहारा थी, जिसके बंद होने से उनके परिवारों की स्थिति प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस निधि को तत्काल पुनः शुरू किया जाए।
हड़ताली कर्मचारियों की दूसरी प्रमुख मांग यह है कि यदि किसी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की कार्यकाल के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को ₹50,000 की सहायता राशि प्रदान की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि कई मजदूर वर्षों से निगम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक किसी प्रकार की स्थायी सुविधा या सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल पाई है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कई बार अधिकारियों और शासन स्तर पर अपनी समस्याएं रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। मजबूर होकर कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
हड़ताल के चलते बीज उत्पादन, भंडारण, वितरण और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आने वाले कृषि सीजन को देखते हुए इसका असर किसानों तक भी पहुंच सकता है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी दोनों मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने शासन एवं निगम प्रबंधन से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।



