मछुआरों को एडवाइजरी; कितनी तबाही मचाएगा चक्रवाती तूफान

बंगाल की खाड़ी में बना दबाव क्षेत्र शनिवार को गहन दबाव क्षेत्र में बदल गया है। सोमवार को आंध्र प्रदेश तट को पार करने से पहले नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच इसके चक्रवात में तब्दील होने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने यह जानकारी दी। आईएमडी ने इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव के कारण सोमवार और मंगलवार को ओडिशा में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। आईएमडी ने अपने बुलेटिन में कहा कि दबाव क्षेत्र 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़कर गहन दबाव क्षेत्र में तब्दील हो गया है।
बुलेटिन में कहा गया कि यह सुबह साढ़े 5 बजे पुडुचेरी से लगभग 500 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, चेन्नई से 510 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, नेल्लोर से 630 किलोमीटर दक्षिणपूर्व और मछलीपट्टनम से 710 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित था। चक्रवात मिचौंग की बढ़ती तीव्रता को देखते हुए पुडुचेरी सरकार पूरी तरह से अलर्ट है और तैयारियों में जुटी हुई है। 4 दिसंबर को इस केंद्र शासित प्रदेश के सभी कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर गई है। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘संभावित चक्रवात मिचौंग के कारण पुडुचेरी, कराईकल और यानम क्षेत्रों के सभी कॉलेजों के लिए सोमवार को छुट्टी घोषित की जाती है।’
आईएमडी ने कहा कि इस मौसमी प्रणाली के पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटे में बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में चक्रवाती तूफान में तब्दील होने का अनुमान है। इसमें कहा गया कि यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और 4 दिसंबर तक दक्षिण आंध्र प्रदेश व निकटवर्ती उत्तरी तमिलनाडु के तटों से होते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच जाएगा। IMD ने कहा, ‘यह लगभग उत्तर की ओर लगभग समानांतर और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के करीब बढ़ेगा और 5 दिसंबर को चक्रवाती तूफान बनकर नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच से गुजरेगा। इस दौरान 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने का अनुमान है, जो 100 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती है।’




