अत्यंत सुरक्षित और चौबीसों घंटे संवेदनशील माने जाने वाले थाना परिसर के भीतर एक युवती की खुदकुशी ने पुलिस सुरक्षा पर लगाया प्रश्न चिन्ह..!”मानसिक अस्वस्थता” पुलिस की गढ़ी हुई कहानी-जिला काँग्रेस..

CM के क्षेत्र में थाना परिसर के अंदर युवती की ‘संदेहास्पद’ खुदकुशी, कांग्रेस ने मजिस्ट्रीयल जांच और CCTV सार्वजनिक करने की मांग…
कुनकुरी (जशपुर)।
जशपुर जिले के कुनकुरी थाना परिसर के भीतर धुमाडांड निवासी 22 वर्षीय युवती नीलिमा लकड़ा द्वारा वायरलेस टावर पर फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के सनसनीखेज मामले ने अब भयंकर तूल पकड़ लिया है।
जशपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक यू.डी. मिंज ने इस पूरी घटना को अत्यंत गंभीर और संदेहास्पद बताते हुए सीधे राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सीधा और आक्रामक हमला बोला है।
मिंज ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है कि कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाली यह दुःखद घटना प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के खुद के विधानसभा मुख्यालय में घटित हुई है, जहाँ अब पुलिस थाना परिसर के भीतर भी आम जनता सुरक्षित नहीं बची है।
पूर्व विधायक यू.डी. मिंज ने पुलिस की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए आरोप लगाया कि प्राथमिक जानकारियों के अनुसार मृतिका नीलिमा लकड़ा पिछले कुछ दिनों से किसी शिकायत या रिपोर्ट दर्ज कराने के सिलसिले में लगातार कुनकुरी थाने के चक्कर काट रही थी। लेकिन अब पुलिस अपनी नाकामी और लापरवाही को छुपाने के लिए इसे केवल “मानसिक अस्वस्थता” और “मोबाइल की लत” का रूप देकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जो पूरी तरह संदेहास्पद और निंदनीय है।
उन्होंने सीधे सवाल दागा कि अत्यंत सुरक्षित और चौबीसों घंटे संवेदनशील माने जाने वाले थाना परिसर के भीतर एक युवती इतनी आसानी से ऊंचे वायरलेस टावर पर कैसे चढ़ गई और वहां तैनात संतरी व सुरक्षाकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सबसे बड़ा सवाल यह भी खड़ा होता है कि जब युवती देर रात डायल 112 की टीम और पेट्रोलिंग टीम के संपर्क में थी, तो आखिर वक्त पर उसकी जान क्यों नहीं बचाई जा सकी।
इस संवेदनशील मामले को प्रदेश एवं जिला कांग्रेस कमेटी ने भी अत्यंत गंभीरता से लिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती संगीता सिन्हा और पूर्व जनजातीय आयोग के चेयरमैन भानुप्रताप सिंह ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्थानीय संगठन से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार के सामने मांगें रखी हैं।
कांग्रेस ने पहली मांग यह की है कि घटना के दिन और उससे ठीक 3 दिन पहले तक मृतिका के थाने आने-जाने से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज तत्काल प्रभाव से सार्वजनिक किए जाएं ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। वहीं दूसरी मांग के तहत चूंकि यह आत्मघाती कदम सीधे पुलिस परिसर के भीतर उठाया गया है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए स्थानीय पुलिस के बजाय मामले की उच्च स्तरीय दंडाधिकारी यानी मजिस्ट्रीयल जांच कराई जानी अनिवार्य है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष यू.डी. मिंज ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि पुलिस प्रशासन ने तथ्यों को छुपाने, बदलने या मामले में लीपापोती करने का जरा भी प्रयास किया, तो कांग्रेस पार्टी जनता के हक और न्याय के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शासन और प्रशासन की होगी।



