एक्सक्लुसिव न्यूज़

🔴 प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययिता बरतने के संदेश के बीच  सचिव जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन “जल शक्ति मंत्रालय” भारत सरकार V.L.Kantha Rao के निरीक्षण दौरे के दौरान स्वागत-सत्कार में दिखा फिजूलखर्ची का भोकाल..

इन दिनों देश में ईंधन बचत और अनावश्यक खर्च में कटौती को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद बहस का बाजार गर्म है ।प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से पेट्रोल-डीज़ल की बचत और गैर-जरूरी खर्च में संयम बरतने की अपील की है। इसी क्रम में मितव्ययिता का उदाहरण प्रस्तुत करने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या घटाने, अधिकारियों को सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन उपयोग करने और कर्मचारियों के लिए बस सुविधा जैसी पहल शुरू करने की बात कही है वहीं रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री छत्तीसगढ़ शासन ओ. पी. चौधरी ने भी प्रोटोकॉल से अनावश्यक गाड़ियाँ हटाने एवं अन्य खर्चों में कटौती की बात कही है।
इन्हीं संदेशों के बीच 14 मई 2026 को V. L. Kantha Rao, सचिव, Ministry of Jal Shakti, के केलो प्रोजेक्ट के अंतर्गत CADWM कार्यों के निरीक्षण हेतु आगमन पर हुए स्वागत-सत्कार को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
तस्वीरों में देखिए किस प्रकार निरीक्षण दौरे के दौरान
वातानुकूलित टेंट की व्यवस्था की गई,
उच्च स्तरीय जलपान की व्यवस्था रही,
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति दर्शाने के लिए कर्मा लोक नृत्य दल बुलाया गया,
दर्जनों शासकीय एवं गैर-शासकीय वाहनों का काफ़िला देखा गया,
धूप से बचाव के लिए नई छतरियाँ और टोपियाँ वितरित की गईं।
बताया जा रहा है कि सचिव महोदय CADWM कार्यों की प्रगति देखने आए थे, किंतु दौरे के दौरान केलो परियोजना के हेडवर्क का निरीक्षण भी कराया गया, जिसे विभागीय सूत्रों के मुताबिक दौरा निरीक्षण के मूल उद्देश्य से इतर माना जा सकता है।
इस पूरे आयोजन में हुए संभावित व्यय को लेकर यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या यह खर्च मितव्ययिता के उन संदेशों के अनुरूप था, जो हाल के समय में शीर्ष स्तर से दिए जा रहे हैं। साथ ही यह भी चर्चा में है कि स्वागत-सत्कार पर हुआ व्यय किस मद से स्वीकृत हुआ और क्या यह निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप था।
सूत्रों का कहना है कि ऐसे निरीक्षण दौरों में स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएँ की जाती हैं, जबकि आम व्यक्ति  इसे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के संदर्भ में देख रहा है।
यक्ष प्रश्न:- क्या जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग पारदर्शिता बरतते हुए व्यय के विवरण सार्वजनिक करेगा?

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button