कोरबा में ACB की बड़ी कार्रवाई; 2 लाख की रिश्वत लेते टीचर रंगे हाथों गिरफ्तार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की जांच टीम की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज एसीबी की बिलासपुर इकाई ने कोरबा जिले के शिक्षा विभाग में कार्यरत एक शिक्षक विनोद कुमार सांडे को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत की गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला 9 जुलाई 2025 को प्राथमिक शाला केसला, कोरबा के प्रधान पाठक रामायण पटेल ने एसीबी बिलासपुर इकाई में शिकायत दर्ज कराई। रामायण पटेल के अनुसार, उनकी पत्नी उसी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। आरोपी विनोद कुमार सांडे, जो माध्यमिक शाला बेला, कोरबा में शिक्षक हैं, ने खुद को डीईओ (जिला शिक्षा अधिकारी) और बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) से संबंधित बताकर रामायण पटेल की पत्नी का दूर के स्कूल में संभावित ट्रांसफर रुकवाने और नजदीक के ओमपुर स्कूल में ट्रांसफर कराने के एवज में ₹2 लाख की मांग की थी।
रामायण पटेल रिश्वत देना नहीं चाहते थे, बल्कि आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाना चाहते थे। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और शिकायत सही पाए जाने पर एक जाल बिछाया। आज, 17 जुलाई 2025 को, विनोद कुमार सांडे को रामायण पटेल के कोरबा स्थित निवास पर ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
ACB की सख्त कार्रवाई
जिसके बाद एसीबी ने आरोपी विनोद कुमार सांडे से रिश्वत की रकम जब्त कर ली है और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
एसीबी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि, छत्तीसगढ़ में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उनका अभियान अनवरत जारी रहेगा और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले के बाद कोरबा जिले सभी भ्र्ष्ट अधिकारियों में दहशत का माहौल है।




