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मुख्यमंत्री के गृह जिले में नयी सड़कें भी बदहाल जनता पूछ रही सवाल..

जशपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 3 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत से निर्मित सिंगीबहार बैरियर से अबीरा पहुंच मार्ग का निर्माण पूरा होते ही सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस सड़क को वर्षों तक ग्रामीणों के लिए बेहतर आवागमन का माध्यम बनना था, वह निर्माण समाप्त होने के कुछ ही समय बाद कई स्थानों पर टूटने लगी है। इससे निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी और अमानक सामग्री के उपयोग की आशंका गहरा गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर भारी वाहनों का दबाव पड़ते ही डामर की परत जगह-जगह से उखड़ने लगी है। पुल के पास बना एप्रोच रोड भी क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं सड़क के दोनों ओर बनाए गए साइड सोल्डर में केवल मिट्टी और मुरूम डालकर छोड़ दिया गया। नियमानुसार रोलर से दबाई नहीं किए जाने के कारण बारिश में पूरा सोल्डर कीचड़ में बदल गया है। ऐसे में वाहन साइड लेने के दौरान धंस रहे हैं और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर बारिश के कारण मिट्टी बह गई है और सड़क की परतें दिखाई देने लगी हैं। निर्माण कार्य पूरा हुए अभी एक महीना भी ठीक से नहीं बीता है, लेकिन सड़क की यह हालत लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गुणवत्ता से समझौता किया गया है।
ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के इस निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच, गुणवत्ता परीक्षण तथा दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और जांच नहीं कराई गई तो आगामी बारिश में सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो जाएगी तथा आवागमन प्रभावित होने के साथ किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अब सबकी नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

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