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विरोध के बावजूद रिसाली निगम में 12.29 करोड़ का सफाई ठेका पास

भिलाई । रिसाली नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में बुधवार को ध्वनिमत से सफाई ठेका देने का प्रस्ताव पारित हो गया। यह ठेका मेसर्स एल्मेंक टेक्नोक्रैट्स को सालाना 12 करोड़ 29 लाख रुपये में दिया गया। इस प्रस्ताव का महापौर और एमआईसी मेंबरों ने विरोध किया था, लेकिन उनके विरोध के बावजूद यह प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

महापौर और एमआईसी का विरोध
मंगलवार को महापौर और एमआईसी मेंबरों ने पत्रकार वार्ता में निगम की आय से अधिक व्यय और निविदा प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने निगम आयुक्त और सभापति पर आरोप लगाते हुए इस ठेके को रद्द कर नई निविदा प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी। उनका कहना था कि यह ठेका निगम के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।

विशेष सामान्य सभा का निर्णय
बुधवार को सुबह 11 बजे आयोजित विशेष सामान्य सभा में निगम क्षेत्र के सभी वार्डों की सफाई व्यवस्था के लिए चार ग्रुप में निविदाएं प्रस्तुत की गईं। हर ग्रुप में चार निविदाकारों ने हिस्सा लिया, लेकिन केवल दो – मेसर्स एल्मेंक टेक्नोक्रैट्स और मेसर्स भारतीय सिक्युरिटी सर्विस – पात्र पाए गए। दोनों कंपनियों की वित्तीय दरों की तुलना के बाद, मेसर्स एल्मेंक टेक्नोक्रैट्स को सभी चार ग्रुपों में ठेका दिया गया।

प्रमुख ग्रुपों का ब्योरा:
ग्रुप 1 (वार्ड 1-5, 22-23, 20): प्रस्तावित राशि: ₹1,95,73,280, स्वीकृत ठेका: ₹3.15 करोड़।
ग्रुप 2 (वार्ड 13-14, 25-31): प्रस्तावित राशि: ₹1,39,11,458, स्वीकृत ठेका: ₹3.17 करोड़।

ग्रुप 3 (वार्ड 15-18, 20-21): प्रस्तावित राशि: ₹1,49,72,350, स्वीकृत ठेका: ₹2.80 करोड़।

ग्रुप 4 (वार्ड 32-38, 10): प्रस्तावित राशि: ₹1,92,41,458, स्वीकृत ठेका: ₹3.17 करोड़।

महापौर और एमआईसी का बयान
महापौर और एमआईसी मेंबरों ने कहा कि निगम की आय से अधिक व्यय करना अनुचित है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही। उनका कहना था कि निगम के पास सीमित वित्तीय संसाधन हैं और ऐसे ठेके निगम के आर्थिक संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।

सभापति का पक्ष
निगम सभापति ने कहा कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निविदा प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रही और न्यूनतम दरों के आधार पर ठेका दिया गया।

प्रस्ताव पारित होने के बाद, वित्तीय वर्ष 2024-25 में सफाई कार्य के लिए प्लेसमेंट श्रमिकों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। निगम ने सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए कार्य योजना तैयार करने की घोषणा की है।

निगम की सफाई व्यवस्था पर विवाद बरकरार
महापौर और एमआईसी मेंबरों के विरोध और ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित होने के बाद, यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का मुद्दा बन गया है। अब देखना होगा कि निगम इस फैसले को लेकर जनता और राजनीतिक नेतृत्व को कैसे संतुष्ट कर पाता है।

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

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