हरतालिका तीज में भगवान शिव और माता पार्वती ही नहीं इन देवी-देवताओं की पूजा का होता है महत्व, जानिए

हिंदू धर्म में सभी प्रकार के व्रत और त्योहार का खास महत्व होता है। सावन मास के बीतने के बाद भादो मास की शुरुआत हो गई है जिसमें गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज जैसे व्रत रखे जाएंगे। हरतालिका तीज व्रत, सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के द्वारा किया जाता है जो सभी तरह के मनोरथों को पूर्ण करता है। हरतालिका तीज व्रत को महिलाओं के लिए भक्ति, स्नेह और समर्पण का प्रतीक मानते है।
वहीं पर तीज व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान होता है जिसका पालन करते है। शिव और पार्वती की पूजा के अलावा अन्य देवी-देवताओं की पूजा करने का महत्व भी होता है। चलिए जानते है…
भगवान श्रीगणेशजी की पूजा का विधान
हरतालिका तीज व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान होता है। इसके अलावा आप भगवान श्रीगणेश जी की पूजा कर सकते है जो अनिवार्य मानी गई है। मान्यता है कि गणेशजी सभी बाधाओं को दूर करते हैं और घर में सुख-समृद्धि का संचार करते हैं। महिलाएं गणेशजी की पूजा करके अपने व्रत की शुरुआत करती हैं और पूजा को पूर्णता देती हैं। इसके साथ ही आप गणेश जी की पूजा के अलावा सूर्य देव और शुक्र देवता की पूजा करते है तो यह लाभकारी होता है। सूर्य देव की इस दौरान पूजा करने या अर्घ्य देने से स्वास्थ्य और जीवन में ऊर्जा बढ़ती है, जबकि शुक्र देव की आराधना वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बनाए रखने में मदद करती है।
सकारात्मक ऊर्जा का होगा प्रवाह
बताया जाता है कि, हरतालिका तीज की पूजा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती को पूजा में नारियल, फूल और विभिन्न प्रकार के फल अर्पित करने का विधान होता है। पूजा नियम के साथ करने से पूजा सुचारू होती है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी घर में बढ़ता है। वहीं पर सभी देवी- देवताओं की पूजा करने और मंत्र का जाप पूजा के दौरान करने से व्रत करने वाले को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है और घर में शांति और सुख बना रहता है। इसके अलावा हरतालिका तीज व्रत का अधिक महत्व होता है।




