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सालसा ने नेशनल लोक अदालत में मामला निराकृत होने पर भी नहीं मिले न्याय शुल्क को आवेदक को राशि वापस दिलायी

बिलासपुर, डौंडीलोहारा, जिला बालोद निवासी गजानंद नेताम का एक व्यवहार वाद लौंडी लोहारा के व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 के न्यायालय में चल रहा था, जिसे उभय पक्षकारों ने आपसी सुलह समझौता से दिनांक 13-5-2023 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर निराकरण कराये थे। उक्त मामले में आवेदक द्वारा मामला पेश करने के समय प्रस्तुत न्याय शुल्क की राशि 59,800/- को नियमानुसार वापसी दिलाये जाने हेतु भटक रहा था, तत्पश्चात आवेदक गजांनद के द्वारा उक्त राशि दिलाये जाने के संबंध में एक निवेदन पत्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिस पर सालसा के द्वारा संज्ञान में लिया जाकर तत्संबंध में संबंधित जिला कलेक्टर बालोद को अविलंब कार्यवाही किये जाने एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद को तत्संबंध में आवेदक को आवश्यक कानूनी सहयोग, सलाह एवं अन्य सहायता करने हेतु निर्देशित किया गया।

सालसा के उक्त निर्देश के पालन में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बालोद के द्वारा कार्यवाही करते हुए आवेदक गजानंद के खाते में कोर्ट फीस की राशि 59,800/- रूपये जिला कोषालय बालोद के माध्यम से हस्तांतरित कर इसकी सूचना सालसा को भी दी गई तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के द्वारा सालसा को यह प्रतिवेदन दिया गया कि आवेदक के खाते में उक्त राशि जमा कर दी गई है। इस प्रकार सालसा के द्वारा उक्त मामले में त्वरित संज्ञान लिया जाकर कार्यवाही किये जाने के फलस्वरूप आवेदक को उसके हक की राशि अविलंब प्राप्त हुई।

यह अवगत हो कि लोक अदालत में जो मामले आपसी सुलह समझौते के आधार पर निराकृत किये जाते हैं, उसमें आवेदक द्वारा देय सम्पूर्ण न्याय शुल्क की वापसी का प्रावधान है।

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

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