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एनकाउंटर में ढेर हुआ रोमिल 8 महीने में ही बन गया था खौफ, 3 राज्यों में थी तलाश, 3 लाख से ज्यादा का इनाम

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मंगलवार तड़के हरियाणा-दिल्ली सीमा पर हुई मुठभेड़ में तीन लाख के इनामी बदमाश रोमिल वोहरा को मार गिराया। इस दौरान दिल्ली और हरियाणा पुलिस के एक-एक जवान घायल हो गए। मारा गया रोमिल, बैंकॉक से प्रत्यर्पित गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा और नोनी राणा गिरोह का सक्रिय सदस्य था। वह कुरुक्षेत्र के शराब कारोबारी शांतनु हत्याकांड, यमुनानगर में तिहरे हत्याकांड और जबरन वसूली समेत कई मामलों में वांछित था।

स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा के अनुसार, 23 जून को हरियाणा एसटीएफ को सूचना मिली थी कि रोमिल दिल्ली में किसी वारदात को अंजाम देने आ रहा है। इसके बाद हरियाणा एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में निगरानी शुरू की।

मंगलवार सुबह हरियाणा-दिल्ली सीमा पर पुलिस ने उसे रोका, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने लगा। जवाबी कार्रवाई में रोमिल घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हरियाणा पुलिस ने रोमिल पर 3.10 लाख का इनाम रखा था।

यमुनानगर निवासी और महज 20 साल का रोमिल, बीते दो महीनों में हरियाणा में कई हत्याओं में शामिल रहा है। वह दिल्ली में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में भी वांछित था। साथ ही पंजाब और हरियाणा में कई गोलीबारी की वारदातों में भी उसका नाम सामने आया है। कुख्यात काला राणा-नोनी राणा गिरोह से जुड़ा रोमिल, विदेश से निर्देश मिलने पर हत्याओं को अंजाम देता था। यमुनानगर तिहरे हत्याकांड में उसकी भूमिका की पुष्टि हुई थी।
तीन राज्यों की पुलिस को थी रोमिल की तलाश

रोमिल की तलाश हरियाणा के अलावा दिल्ली और पंजाब पुलिस को भी थी। रोमिल वोहरा ने पंजाब में भी वारदातों को अंजाम दिया है। इस कारण पंजाब पुलिस में भी उसकी तलाश में जुटी थी। उस पर मोहाली के सेक्टर-71 में एक प्रसिद्ध फिल्म प्रोड्यूसर के घर के बाहर अपने साथी के साथ मिलकर फायरिंग करने का आरोप था। उसके एक साथी पंजाब पुलिस पहले ही दबोच चुकी है। रोमिल तभी से फरार चल रहा था।
गैंग में शामिल होते ही ताबड़तोड़ वारदातें कीं

यमुनानगर के कासापुर अशोक विहार निवासी 20 वर्षीय रोमिल वोहरा पर हत्या, जबरन वसूली और फायरिंग के आठ से ज्यादा मामले दर्ज हैं। बताया जाता है कि वह आठ महीने पहले ही काला राणा और नोनी राणा गैंग से जुड़ा था। गैंग में शामिल होने के बाद उसने ताबड़तोड़ चार हत्याएं कीं और इलाके में दहशत फैला दी। उसकी बढ़ती आपराधिक गतिविधियों से पुलिस और स्थानीय लोग दोनों परेशान थे।
गैंगस्टर काला राणा पर 28 मामले दर्ज हैं

गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा पर हरियाणा में 28 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसने अपराध की शुरुआत मार्च 2013 में यमुनानगर में कार लूट की वारदात से की थी। काला राणा ने हरनम सिंह के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया और वेश बदलकर थाईलैंड भाग गया था। वहीं से वह अपने गैंग को भारत में संचालित कर रहा था। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और चंडीगढ़ पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। आखिरकार उसे बैंकॉक से भारत लाया गया। काला राणा का भाई नोनी राणा भी कुख्यात अपराधी है।

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

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