‘आसमानी आफत’ की चपेट में कुल्लू, बादल फटने से बह गईं दुकानें, पुल और बाग बगीचे बर्बाद

हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में कुदरत का कहर देखने को मिला है। इस पूरे मानसून के सीजन में राज्य में सैकड़ों मौतें हुई हैं। एक बार फिर से प्रदेश के कुल्लू जिले लग घाटी में बादल फटने की घटना सामने आई है जिसमें भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून के सीजन में भारी तबाही देखने को मिल रही है। कुल्लू जिले की लग घाटी में बादल फटने की घटना सामने आई है, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही मची है। इस घटना में तीन दुकानें, एक पुल और आसपास के बाग-बगीचे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
देर रात हुआ हादसा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हादसा कुल्लू के कनौण गांव के पास रात को हुआ, जब ऊंची पहाड़ियों पर अचानक बादल फट गया। इसकी वजह से नाले में अचानक पानी का बहाव बहुत तेज हो गया और बूबू नाले पर बना पुल बह गया। इसके साथ ही तीन दुकानों का भी पूरी तरह से अस्तित्व मिट गया। यह वीडियो खुद एक स्थानीय निवासी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो घटना की भयावहता को दर्शाता है।
स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का आदेश
इस आपदा के चलते कुल्लू और बंजार उपमंडलों में जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूल-कॉलेजों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं। कुल्लू के डीसी एस. रवीश (IAS) ने बताया कि लगातार बारिश और लैंडस्लाइड से क्षेत्र की सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थर गिर गए हैं, जिससे आवाजाही में कठिनाई हो रही है। इसके अलावा क्षेत्र का कई गांवों से संपर्क भी पूरी तरह कट गया है।
भारी बारिश के चलते राहत प्रभावित
प्रशासन की ओर से बताया गया कि क्लाउडबर्स्ट और भूस्खलन के चलते इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राहत और बचाव कार्य में प्रशासन जुटा हुआ है, लेकिन भारी बारिश के कारण टीमों को मौके तक पहुंचने में बाधाएं आ रही हैं। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 19 अगस्त को कुल्लू के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
389 सड़कें बंद, यातायात ठप
राज्य भर में बारिश का असर सिर्फ कुल्लू तक ही सीमित नहीं है। भारी बारिश के चलते हिमाचल प्रदेश में 2 नेशनल हाईवे सहित कुल 389 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। इसके अलावा बिजली और जल आपूर्ति भी कई क्षेत्रों में बाधित है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले किन्नौर जिले में भी बादल फटने की खबर सामने आई थी, जिसमें कई लोग फंस गए थे और भारी नुकसान हुआ था। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी राज्य के हालात नाजुक बने हुए हैं।




