“विष्णु साय डरता है, पुलिस को आगे करता है”… मुर्दाबाद..नेताई चमकाने गिरफ्तारी देना,वीडियो बनवाना,विरोध के ड्रामा नौटंकी के बीच खाकी का मुस्कुराना जैसे सीने में दबे किसी ग़म को छुपाना..!
आदिवासी जनप्रतिनिधि के कथित अपमान से उद्वेलित प्रदेश के आदिवासी मुखिया के मुर्दाबाद नारों के बीच मुख्यमंत्री के गृह जिले में काँग्रेस का विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को बयां करता वीडियो देखिये अंत में…

आदिवासी जनप्रतिनिधि के सम्मान के लिए आदिवासी मुख्यमंत्री के खिलाफ़ नारेबाजी..
कुनकुरी। “विष्णु साय डरता है, पुलिस को आगे करता है… विष्णु देव साय मुर्दाबाद”—इन नारों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई कई सवाल खड़े करती नजर आई। नेताई चमकाने के लिए गिरफ्तारी, वीडियो बनवाने की छूट और विरोध के बीच खाकी की मुस्कराहट—महज़ 45 सेकंड के वीडियो में कैद यह पूरा घटनाक्रम मानो राजनीतिक ड्रामे और प्रशासनिक औपचारिकता का मिला-जुला दृश्य बन गया।सारा मामला उस दौरान का बताया जा रहा है जब आदिवासी जनप्रतिनिधि के कथित अपमान और नगर पंचायत सीएमओ के तानाशाही रवैये के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता कन्या शाला चौक के पास प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री के विरुद्ध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार नेताओं में पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज सागर यादव, जिला महामंत्री महेश त्रिपाठी, दीपक केरकेट्टा सहित लगभग एक दर्जन कार्यकर्ता शामिल हैं। दरअसल विवाद की जड़ विगत दिवस पूर्व नगर पंचायत सीएमओ द्वारा उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा का चैंबर हटाया जाना बताया जा रहा है। बाद में तहसीलदार के हस्तक्षेप से चैंबर बहाल हुआ, लेकिन कांग्रेस ने इसे आदिवासी जनप्रतिनिधि का अपमान करार दिया।
कांग्रेस का आरोप है कि विरोध को दबाने के लिए पुलिस का सहारा लिया गया और कार्रवाई महज खानापूर्ति रही। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय और सम्मान सुनिश्चित नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुनकुरी की इस तस्वीर ने वीआईपी ड्यूटी, राजनीतिक प्रदर्शन में पुलिस की व्यवस्था सम्हालने, होने वाली थकान और मजबूरी को एक साथ उजागर कर दिया है साथ ही खाकी के अंदर घुमड़ती भावनाओं को भी!



