निर्ममता की हदें पार..महिला के प्रायवेट पार्ट में डंडा डालकर की हत्या, पति समेत चार गिरफ्तार…

जादू-टोना के शक में महिला की निर्मम हत्या…
जशपुर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र के ग्राम गट्टी महुआ में जादू-टोना के शक में एक महिला की बेहद क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतिका के पति सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मृतिका की पहचान गोईदी बाई (48) पति ठूपन राम, निवासी गट्टी महुआ के रूप में हुई है। घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतिका के भाई सहलू राम (30) ने 6 मार्च 2026 को थाना सन्ना में सूचना दी कि उसकी बड़ी बहन अपने घर में मृत अवस्था में पड़ी हुई है। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर मृतिका के शरीर और आसपास खून के निशान पाए गए, साथ ही उसके गुप्तांग में गंभीर चोट के निशान मिले।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जहां डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया कि मृतिका की मौत किसी कठोर व भोंथरे वस्तु से गुप्तांग में गंभीर चोट पहुंचाने के कारण हुई है, जो कि हत्या (होमीसाइडल) का मामला है। इसके बाद थाना सन्ना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच और पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि 5 मार्च की दोपहर मृतिका का उसकी सौतन फुला बाई से विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ठूपन राम, फुला बाई, सुनील राम (23) और उसकी पत्नी सुरन्ती बाई (22) खेत में बने एक झोपड़ी में बैठे थे, जहां मृतिका भी पहुंच गई और सभी ने हड़िया पी। इसी दौरान सुनील राम ने आरोप लगाया कि उसके घर में बच्चा न होने और उसके पिता को कैंसर होने के पीछे मृतिका द्वारा जादू-टोना किया गया है।
इसी शक के चलते सुनील राम ने मृतिका को जमीन पर पटक दिया। इसके बाद ठूपन राम और फुला बाई ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए। वहीं सुरन्ती बाई और सुनील राम ने मिलकर लकड़ी का डंडा मृतिका के गुप्तांग में डाल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने शव को घर लाकर बिस्तर पर रखकर ऊपर कंबल डाल दिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा भी जब्त कर लिया है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले की कार्रवाई में थाना प्रभारी सन्ना उपनिरीक्षक संतोष सिंह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



