एक्सक्लुसिव न्यूज़

बेदखली का भय और भयादोहन की स्क्रिप्ट..भक्ति की जमीन पर लालच का कब्ज़ा,बूढ़ी माई महादेव मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर अतिक्रमण का मामला…वैध भूस्वामी परेशान, कार्रवाई पर उठे सवाल..

पूर्व के पदाधिकारियों की कारगुजारियों ने बोए ऐसे सन्देह के बीज कि अब ट्रस्ट को ही भंग करने की मांग उठने लगी..

बहुत ही जल्द कलेक्टर को सौंपा जा सकता है शिकायत पत्र:-सूत्र
रायगढ़। नगर की आराध्य देवी बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की लगभग 7 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सीमांकन एवं बेदखली की कार्रवाई न होने की वजह से सुर्खियों में है। वर्ष 2023 के सीमांकन प्रतिवेदन में सिद्धेश्वर नेत्रालय, अघरिया सदन, रुक्मणि विहार कॉलोनी, नगर निगम गार्डन,जलतारे होटल, कोतरा रोड के हिस्से सहित कई स्थायी निर्माणों को ट्रस्ट भूमि पर अतिक्रमण के रूप में चिन्हित किया गया था, लेकिन अब ताजा सीमांकन में कुछ अतिक्रमणकारियों को कथित रूप से क्लीन चिट दिए जाने के आरोप लग रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड से खसरा नंबर 25/1 के गायब होने की भी चर्चा है। वहीं ट्रस्ट भूमि से सटे वैध भूस्वामी, जिन्होंने विधिसम्मत रूप से भूमि क्रय कर सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की हैं, बार-बार होने वाले सीमांकन से परेशान हैं। उनका आरोप है कि बड़े अतिक्रमणकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि वैध लोगों को जांच और संदेह के दायरे में रखा जा रहा है।
लगातार सीमांकन के बावजूद वर्षों से अवैध कब्जों पर बेदखली कार्रवाई न होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले में ट्रस्ट को भंग करने की मांग को लेकर कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपने की तैयारी की जा रही है।
अब देखना यह है कि प्रशासन स्पष्ट सीमांकन रिपोर्टों के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है या मामला एक बार फिर लंबित रह जाता है।

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button