देश विदेश

मानसून की विदाई के बाद मौसम का यू-टर्न, नए सिस्टम से यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में होगी झमाझम बारिश

देश के कई हिस्सों से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद एक नए वेदर सिस्टम के कारण मौसम ने फिर करवट ली है। उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर दक्षिण भारत तक बादल मेहरबान हैं और मौसम विभाग ने हफ्तेभर तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। राजधानी दिल्ली में हुई बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से तो राहत दी, लेकिन कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी खड़ी हो गई, जिससे कि जन-जीवन का अस्त-व्यस्त होना भी लाजमी है सो हुआ भी।

मानसून के जाने के बाद भी राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी है। दिल्ली में मानसून की आधिकारिक विदाई 24 सितंबर को हो गई थी, लेकिन महज एक हफ्ते के भीतर हुई भारी बारिश ने कई हिस्सों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा कर दी, जिससे प्रमुख मार्गों पर हजारों यात्री फंसे रहे। यह बेमौसम बारिश कई लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।
त्योहारों के बीच इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक नए चक्रवाती सिस्टम के कारण झारखंड में महानवमी पर तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। रांची मौसम केंद्र के अनुसार, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। वहीं, पश्चिम बंगाल में भी विजयादशमी के दिन से भारी बारिश की संभावना है, जिससे दुर्गा पूजा के उत्सव में खलल पड़ सकता है। राजस्थान के जयपुर में भी अचानक हुई बारिश से दशहरा उत्सव के लिए बनाए गए रावण के पुतले गीले हो गए और कई इलाकों में पानी भर गया।

क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक

IMD के महानिदेशक ने बताया कि इस साल मानसून में सामान्य से आठ प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जो 2001 के बाद पांचवीं सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में भी उत्तर-पश्चिम के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश भागों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की उम्मीद है। उनके अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में हाल के वर्षों में वर्षा में वृद्धि देखी गई है, जबकि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत, जैसे बिहार और असम में इस मानसून में सामान्य से कम बारिश हुई है।

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button