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‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ पर राघव जुयाल का बड़ा खुलासा, आर्यन खान की तारीफों के बांधे पुल

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के निर्देशन में बनी वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ ने दर्शकों के बीच खूब चर्चा बटोरी है। इस सीरीज में राघव जुयाल ने ‘परवेज’ नामक एक अहम किरदार निभाया है, जिसने उनके करियर और सोच दोनों पर गहरा असर छोड़ा। राघव ने खुद माना कि यह शो उनके लिए सिर्फ एक अभिनय का मौका नहीं था, बल्कि अपनी भावनाओं और विचारों को खुलकर व्यक्त करने का मंच भी था।

दरअसल, राघव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अक्सर निजी जिंदगी में इंसान कई बातें कह नहीं पाता, लेकिन एक कलाकार होने के नाते अभिनय उसे यह आज़ादी देता है। “एक्टिंग मेरे लिए सिर्फ किरदार निभाना नहीं है, बल्कि अपने अंदर की आवाज को बाहर लाना भी है। ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ ने मुझे वही मौका दिया, जहां मैं उन मुद्दों को सामने रख सका जिन्हें मैं हमेशा महसूस करता था, लेकिन कभी बोल नहीं पाया।”
‘परवेज’ का किरदार राघव जुयाल के लिए खास इसलिए भी रहा क्योंकि इसने उन्हें कलाकार के तौर पर आज़ादी दी। वह कहते हैं कि यह अनुभव उनकी असली जिंदगी से जुड़ा रहा। परिवार और दोस्तों की अहमियत बताते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “परिवार हमें सही-गलत की समझ देता है, जबकि दोस्त हमें मस्ती करना सिखाते हैं। लेकिन असली जीवन मूल्य वही हैं जो हमें घर से मिलते हैं।”

सीरीज के निर्देशक आर्यन खान (शाहरुख खान के बेटे) की तारीफ करते हुए राघव ने कहा कि वह बेहद सादगी पसंद और जमीन से जुड़े इंसान हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्यन में कहीं भी स्टारकिड वाला एटिट्यूड नहीं है। “जब मैं आर्यन के घर गया, तो माहौल एकदम पारिवारिक था। किसी बड़े स्टार का घर नहीं, बल्कि एक आम भारतीय परिवार जैसा। वहां अपनेपन और संस्कार की झलक साफ दिखी.

राघव ने याद किया कि जब गौरी खान उनसे मिलीं, तो सबसे पहले खाने का हाल पूछा और फिर काम की बात की। उन्होंने बताया, “खान परिवार में आज भी बड़े-बुजुर्गों के पैर छूने की परंपरा है। यह देखकर मुझे अपने घर की याद आ गई।” इतना ही नहीं, जब उनकी मां पहली बार आर्यन से मिलीं, तो उन्होंने उन्हें गले लगाकर आदर और स्नेह दिया। हालांकि, आखिर में राघव ने हंसते हुए कहा, “दोस्त अक्सर इंसान को बिगाड़ देते हैं, लेकिन पारिवारिक मूल्य हमें हमेशा सही राह दिखाते हैं।”

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

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