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जेलेंस्की ने ट्रंप से की बात, रूस ने उसी रात कीव पर बोला बड़ा हमला

3 साल से रूस और यूक्रेन की जंग चल रही है और अब रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर आज तक का सबसे बड़ा हमला किया है। अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत के बाद गुरुवार रात भी रूस ने कीव पर एयर स्ट्राइक की और बीती रात भी रूस की सेना ने करीब 7 घंटे बमबारी की। कल रात भी कीव पर करीब 11 मिसाइलें और 550 ड्रोन दागे गए। हमले में यूक्रेन के कई ठिकाने तबाह हुए हैं। कीव पर हमले से निराश यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेस्की ने अमेरिकन प्रेसिडेंट ट्रंप से फोन पर बात की और रूसी सेना के हमलों पर चिंता जताई। उन्होंने ट्रंप से कहा कि बीती रात वे सो नहीं सके। बेहद कठोर रात थी, हमले की आवाजें सुनाई देती रहीं। बमबारी से एक व्यक्ति की मौत हुई है। एक बच्चे सहित करीब 26 लोग घायल हुए हैं।

 

जेलेंस्की ने ट्रंप को किया फोन

लगातार दूसरी रात कीव पर रूस का हमला देख यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। उन्होंने ट्रंप को रूस के हमले के बारे में बताया। यूक्रेन को दी जाने वाली हथियारों की खेप रोकने के मुद्दे पर भी बात की। जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन के एयर डिफेंस को मजबूत बनाने का फैसला अमेरिका ने लिया है। रूस जंग खत्म करके, इसके लिए ट्रंप रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बात कर सकते हैं। यूक्रेन के समर्थक यूरोपियन देश यूक्रेन की हथियारों कमी पूरी करने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन इसमें समय लगेगा। जेलेंस्की ने ट्रंप को बताया कि रूस से शांति के प्रयास अब तक विफल रहे हैं। प्रत्यक्ष शांति वार्ताओं में युद्ध बंदियों, घायल सैनिकों, शहीद सैनिकों के शवों का आदान-प्रदान ही हुआ है। शांति वार्ता के लिए कोई तारीख फाइनल नहीं की गई है।

 

साल 2014 से जारी दोनों देशों में संघर्ष

बता दें कि रूस और यूक्रेन में साल 2014 से संघर्ष जारी है। रूस नहीं चाहता कि यूक्रेन नाटो में शामिल हो। यूक्रेन को रोकने के लिए रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर हमला किया। 3 साल 4 महीने से दोनों देशों में जंग चल रही है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप में अब तक का सबसे बड़ा और सबसे घातक युद्ध चल रहा है। साल 2025 तक रूस की सेना ने यूक्रेन के लगभग 20% हिस्से पर कब्जा कर लिया। यूक्रेन की 41 मिलियन की आबादी है, लेकिन 80 लाख लोग पिछले 3 साल में यूक्रेन छोड़कर चले गए हैं। 80 लाख लोग यूक्रेन के अंदर ही विस्थापित हो गए हैं।

 

 

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

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