22 सितंबर से मुंबई-नवी मुंबई के बीच दौड़ेंगी वाटर टैक्सियां, सफर होगा तेज और आरामदायक

मुंबई और नवी मुंबई के बीच यात्रा करने वालों के लिए खुशखबरी है। महाराष्ट्र सरकार 22 सितंबर से वाटर टैक्सी सेवा शुरू करने जा रही है। इस सेवा से दोनों शहरों के बीच सफर तेज, स्वच्छ और आरामदायक हो जाएगा। साथ ही, सड़क मार्ग की भीड़भाड़ को भी कम करने में मदद मिलेगी।
अभी तक गेटवे ऑफ इंडिया और नवी मुंबई के बीच यात्रा के लिए लकड़ी की नावों का इस्तेमाल किया जाता है। इन नावों का किराया प्रति यात्री 100 रुपये है और दूरी तय करने में एक घंटे से ज्यादा समय लगता है। लेकिन नई इलेक्ट्रिक नावों की मदद से यह यात्रा अब लगभग 40 मिनट में पूरी हो सकेगी।
पहले चरण में दो वाटर टैक्सियां
भारत फेट ग्रुप (बीएफजी) के मालिक सोहेल कजानी इस परियोजना का प्रबंधन कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण में दो वाटर टैक्सियां शुरू की जाएंगी। इनमें से एक नाव हाइब्रिड है, जो सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक बैटरी और बैकअप डीजल से चलती है, जबकि दूसरी नाव पूरी तरह इलेक्ट्रिक है। दोनों नावें एक घंटे से भी कम समय में चार्ज हो सकती हैं। यूरोपीय डिजाइन पर आधारित इन नावों को फाइबर और ग्लास से बनाया गया है। यह ऊर्जा कुशल, स्थिर और आरामदायक होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी अनुकूल हैं।
आगे बढ़ेगा विस्तार
बीएफजी की योजना है कि भविष्य में इन वाटर टैक्सियों को और भी मार्गों पर शुरू किया जाए। इसमें दक्षिण मुंबई से एलिफेंटा गुफाएं, बेलापुर, अलीबाग और बंदरगाह पर्यटन सर्किट को जोड़ना शामिल है।
महाराष्ट्र सरकार भी इस सेवा को मुंबई वाटर मेट्रो के साथ जोड़ने की योजना बना रही है। मंत्री नितेश राणे ने बताया कि इस एकीकरण से लोगों को मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के बीच तेज और आसान यात्रा का विकल्प मिलेगा।
प्रदूषण कम करने में मददगार
इलेक्ट्रिक नावों से यात्रा का समय घटने के साथ-साथ प्रदूषण भी कम होगा। ये नावें पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के साथ यात्रियों को बेहतर और आधुनिक यात्रा अनुभव भी प्रदान करेंगी।
अब मुंबई और नवी मुंबई के बीच यात्रियों को आरामदायक और समय बचाने वाला विकल्प मिलने वाला है।




