संविधान ने बदली महिलाओं की दशा और दिशा-सावित्री

रायपुर । भारतीय संविधान ने देश की महिलाओं की दशा और दिशा को बदल दिया। सहीं मायने में महिलाओं को असली आजादी भारत का संविधान बनने के बाद मिली है जिसमें महिलाओं को बराबरी का दर्जा मिला। भारत के संविधान में महिलाओं को अनेक अधिकार प्रदान किये यही कारण है कि महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। मखियर समाज के अध्यक्ष विनोद त्यागी द्वारा आमा पारा रायपुर छ.ग. में आयोजित मखियर समाज द्वारा भव्य बाईक रैली की विशिष्ट अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता व महिला नेत्री श्रीमति सावित्री जगत ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। श्रीमती सावित्री जगत ने कहा भारतीय संविधान के जनक बाबा साहेब अम्बेडकर की जयंती के 1 दिन पुर्व 13 अप्रैल को मखियर समाज की महिलाओं ने समाज जनों के सैकड़ों की संख्या पर जुटकर भव्य बाईक रैली निकाल कर सामाजिक एकता का परिचय दिया है जिसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है।
इस अवसर श्रीमती सावित्री जगत ने कहा बाबा साहब अंबेडकर जी की रोशनी में पड़कर देश और समाज को रोशन किया है उनके द्वारा दिए गए नर शिक्षित बनो संगठित रहोऔर संघर्ष करो समाज के लिए प्रेरणा है स्वतंत्रता समानता और पक्षधर अंबेडकर राजनीतिक समानता के साथ ही सामाजिक समानता की भी जीवन भर वकालत की थी दलितों को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने पूरा जीवन लगा दिया आजाद भारत के प्रथम कानून मंत्री के रूप में सदियों से चले आ रही जात-पात भेदभाव की जंजीरों को तोड़कर दुनिया का सबसे अच्छा संविधान बनकर भारत देश को विश्व में एक नहीं पहचान दिलाई इसके पूर्व कार्यक्रम आयोजकगण के द्वारा समाजहित में किये जा रहे कार्यों से प्रभावित होकर श्रीमती जगत का सम्मान भी किया। श्रीमती सावित्री जगत ने अम्बेडकर जयंती की अग्रिम बधाई देते हुए आयोजकगण को शुभकामनाएं दी। ।*इस अवसर वार्ड पार्षद सरिता आकाश दुबे श्री रामप्रसाद करजेनर



