देश विदेश

सस्ती चीजों के लिए करना होगा इंतजार, GST 2.0 लागू, फिर भी पुराने दामों पर माल बेच रहे दुकानदार

GST 2.0 में सुधार नवरात्रि के शुभ अवसर पर लागू हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 सितंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन में इसकी घाेषण की थी। लेकिन नूडल्स, पास्ता, टॉफी, कैंडी, साबुन, शैंपू, हेयर ऑयल, बिस्किट सहित डेली इस्तेमाल होने वाले सामान, खाने-पीने की चीजें और दवाइयां सस्ती नहीं होने से लोगों को झटका लगा है। हर सामान पुराने रेट पर ही बिकने के चलते लोगों को हैरानी हुई।

सरकार एकतरफ जहां 22 सितंबर से हर चीज सस्ती मिलने की बात कह रही थी वहीं छोटे दुकानदार पहले की ही कीमतों में अपना माल बेच रहे हैं। विक्रेताओं के अनुसार हम पुराने स्टॉक पर जीएसटी का फायदा कैसे दे सकते हैं। इससे तो हमारा नुकसान होगा। सस्ती चीजों के लिए लोगों को 8 से 10 दिन का इंतजार और करना पड़ सकता है।
दुकानदारों पर नहीं हुआ असर

सरकार ने पास्ता, नूडल्स, चीनी, सिरप, टॉफी और कैंडी पर 12% जीएसटी को घटकर 5% कर दिया लेकिन विविध क्षेत्रों के दुकानदार यह चीजें 12% जीएसटी के साथ ही बेचकर लोगों को ऊंची कीमतों का झटका देने पर तुले हुए हैं।

इसके साथ ही घी और मक्खन पर भी 5% जीएसटी किया गया लेकिन अभी यह महंगा ही बेचा जा रहा है। कुल मिलाकर दुकानदार अभी लोगों को राहत देने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि सरकार ने उन्हें जीएसटी कटौती का फायदा 22 सितंबर से ही ग्राहकों को देने के लिए कहा है। बावजूद इसके दुकानदारों पर इस आदेश का कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है।
मरीज के परिवार को भी राहत नहीं

नागपुर में एक मरीज के परिवार ने बताया कि 22 सितंबर से दवाइयों की कीमतों के बोझ से हल्की राहत मिलने वाली थी लेकिन कैमिस्ट पुराने रेट पर ही दवाइयां दे रहे हैं। महंगी दवाइयों से आम आदमी का बिगड़ते बजट को देखते हुए सरकार ने राहत दी लेकिन इसका स्थानीय दुकानदार लाभ देना नहीं चाहते।

पुराना स्टॉक का बहाना बनाकर अभी पहले की कीमतों पर दवाइयां टिकाई जा रही हैं। यह लोग नया स्टॉक लाने के बाद भी पुराना स्टॉक बताकर ऐसे ही मरीजों को लूटते रहेंगे तो जीएसटी कटौती लागू करने का क्या फायदा होगा।

इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन को देखना होगा कि लोगों को वास्तविकता में जीएसटी कटौती का फायदा मिल भी रहा है कि नहीं। प्रशासन ने अभी ध्यान नहीं दिया तो आम नागरिक पहले की तरह ही लुटता रहेगा।
3 सितंबर को की थी घोषणा

3 सितंबर को सरकार ने जीएसटी में सुधार की घोषणा की थी। अब सवाल यह उठता है कि इतने दिन पहले घोषणा किये जाने के बावजूद भी दुकानदारों का स्टॉक अब तक खत्म नहीं हुआ या फिर जीएसटी की छूट दुकानदार उपभोक्ताओं को देना ही नहीं चाहते।

सरकार ने कहा कि यदि कोई दुकानदार उपभोक्ताओं को जीएसटी छूट का फायदा नहीं देता है तो उस पर जुर्माना लगने के साथ सजा भी हो सकती है लेकिन अब यह देखना होगा कि इसका दुकानदारों पर कितना

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button