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छत्तीसगढ़ सरकार की फिजूलखर्ची, 14 महीने में विज्ञापन पर खर्च डाले 332 करोड़ रुपए

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार में फिजूलखर्ची पर रोक नहीं लग रही है। राज्य के जनसंपर्क विभाग ने 14 महीने में 332 करोड़ रुपए खर्च डाले। राज्य सरकार ने बुधवार को विधानसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि एक दिसंबर 2023 से 31 जनवरी, 2025 तक विज्ञापन पर 332 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।

दरअसल, सरकार ने ये जानकारी कांग्रेस विधायक द्वारिकाधीश यादव के प्रश्न के जवाब में दी। यादव ने अपने प्रश्न में पूछा था कि इस अवधि में छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं, कार्यों और अन्य प्रचार-प्रसार विज्ञापनों के लिए जिलेवार कुल कितनी राशि स्वीकृत और खर्च की गई थी।

कांग्रेस विधायक यादव के एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में जनसंपर्क विभाग का प्रभार संभालने वाले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि राज्य के जनसंपर्क विभाग ने एक दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2025 तक सरकारी योजनाओं, कार्यों और अन्य प्रचार-प्रसार के लिए 463.21 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिसमें से 332.92 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञापन जिलों से नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी किए जाते हैं। सरकार के जवाब के मुताबिक, इस दौरान प्रिंट मीडिया के लिए 97,31,19,295 रुपये, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए 92,23,98,483 रुपये, डिजिटल और सोशल मीडिया के लिए 25,56,64,280 रुपये, प्रकाशन के लिए 3,87,55,166 रुपये, क्षेत्रीय प्रचार के लिए 2,32,26,50,923 रुपए और जनजातीय उपयोजना के लिए 11,96,07,261 रुपए स्वीकृत किए गए।

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही का आज आठवां दिन है। प्रश्नकाल के पहले गुरुवार को संयुक्त मध्य प्रदेश के सदस्य रहे देव चरण सिंह मधुकर के निधन का उल्लेख किया जाएगा। इसके बाद प्रश्न काल में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री लखन देवांगन के विभागों से संबंधित सवालों का मंत्री जवाब देंगे।

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

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