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छत्तीसगढ़ में सिसकोल का सशक्त योगदान: रोजगार और कौशल विकास के जरिए भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को दे रहा आकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्टील सेक्टर की प्रमुख कंपनी, स्टील इंफ्रा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (सिसकोल), अब एक सशक्त परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभरी है। इसने राज्य को आधुनिक रोजगार, कौशल विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर में नवाचार का नया केंद्र बना दिया है। हाल ही में आयोजित मीडिया राउंडटेबल के दौरान, सिसकोल ने राज्य और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अपने योगदान की प्रेरणादायक कहानी साझा की।
छत्तीसगढ़ का सशक्तिकरण: रोजगार और कौशल विकास के लिए बढ़ते अवसर

बता दें कि सिसकोल ने अपनी परियोजनाओं और संचालन में 3,000 से अधिक कर्मचारियों को रोजगार दिया है, जिनमें फैब्रिकेशन स्टाफ, कॉन्ट्रैक्ट कामगार, परियोजना प्रबंधन पेशेवर, और टेक्नोक्रेट शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2019 से 2024 के बीच, कंपनी ने 28.75% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की है। भिलाई, जो अब एक महत्वपूर्ण रोजगार केंद्र बन गया है, में 2,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और राज्य के अन्य हिस्सों में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आजीविका के अवसर बढ़े हैं। कंपनी ने 2027 तक 1,270 नई नौकरियों के सृजन का अनुमान जताया है, जो समावेशी और सतत क्षेत्रीय विकास की दिशा में सिसकोल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सिसकोल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, रवि उप्पल ने कहा, “हम जो भी संरचनाएं बनाते हैं, उनमें छत्तीसगढ़ की भावना, इंजीनियरिंग की सटीकता और विकास का वादा निहित होता है। हम केवल स्टील संरचनाओं का निर्माण नहीं कर रहे, बल्कि हम जिंदगियों को संवार रहे हैं, रोजगार को सशक्त बना रहे हैं और भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को तेज कर रहे हैं।”
भविष्य निर्माण के लिए कौशल विकास

सिसकोल न केवल अपनी निर्माण परियोजनाओं के लिए कार्यबल का निर्माण कर रहा है, बल्कि कंपनी विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से अपने कर्मचारियों को भविष्य के लिए तैयार भी कर रही है। ये कार्यक्रम मैन्युफैक्चरिंग, वेल्डिंग, सुरक्षा, उत्पादकता और नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में कार्यरत हैं और ये कार्यक्रम स्थानीय युवाओं को औद्योगिक कौशल प्रदान करने पर जोर देते हैं, जो राष्ट्रीय कौशल मिशनों से जुड़े हुए हैं।
विरासत के साथ लीडरशिप

सिसकोल के नेतृत्व में रवि उप्पल (चेयरमैन और प्रबंध निदेशक), के. राजगोपाल (निदेशक- वित्त) और वाय एस रेड्डी (निदेशक- परिचालन) की टीम ने वैश्विक विशेषज्ञता का लाभ उठाकर क्षेत्रीय परिवर्तन के लिए अग्रणी भूमिका निभाई है। कंपनी की नेतृत्व शैली और कार्यशैली को लेकर उनकी पहचान आज भारतीय स्टील उद्योग में एक मिसाल बन चुकी है।
भारत के हृदय से राष्ट्रीय योगदान

छत्तीसगढ़ में अपनी गहरी मौजूदगी के साथ सिसकोल आज भारत के भविष्य और इंफ्रास्ट्रक्चर को आकार देने में अहम भूमिका निभा रहा है। सिसकोल का स्ट्रक्चरल स्टील भारत की कई प्रतिष्ठित परियोजनाओं का अभिन्न हिस्सा है, जिनमें शामिल हैं:

हवाई अड्डे: दिल्ली, नोएडा और बेंगलुरु (T2)

गगनचुंबी इमारतें और कॉमर्शियल निर्माण: डीएलएफ मॉल द्वारका, यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, आईटीपीएल बेंगलुरु, फेयरमोंट होटल बाय श्रेम, अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम राउरकेला, उच्च विशेषता अस्पताल राउरकेला, पटना मेडिकल कॉलेज और आईआईटी भिलाई

औद्योगिक सुविधाएं: टाटा स्टील, रिलायंस, अदाणी, थिसेनक्रुप, लॉयड्स, एएमएनएस, पारादीप रिफाइनरी

परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर: मुम्बई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल, चेन्नई और पुणे मेट्रो, और प्रमुख पुल जो गंगा, यमुना, हिंडन और मलप्रभा नदियों पर बने हैं।
क्षेत्रीय एसएमई परिदृश्य में सिसकोल की अलग पहचान

146 से अधिक स्टील फैब्रिकेटर वाले क्षेत्र में, सिसकोल की पहचान एक तेजी से बढ़ती धातु प्रसंस्करण कंपनी के रूप में बन चुकी है। कंपनी की मासिक उत्पादन क्षमता 8,000 मीट्रिक टन/माह (100,000 मीट्रिक टन/वर्ष) से अधिक है। सिसकोल की क्रिसिल ए-रेटेड कंपनी है, और इसका ₹780 करोड़ का ऑर्डर इनटेक वित्त वर्ष 2024-25 में है।

सिसकोल डिज़ाइन से लेकर स्थापना तक एकीकृत सेवाएं प्रदान करता है, जो मुख्य रूप से फैब्रिकेशन पर केंद्रित हैं। कंपनी रोबोटिक वेल्डिंग, जीपीएस ट्रैकिंग, और स्मार्ट इंस्पेक्शन टूल्स जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग करती है।
स्थानीय और क्षेत्रीय मीडिया से संवाद

सिसकोल के लिए यह केवल एक कॉर्पोरेट कहानी नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध यात्रा और भविष्य के अवसरों की कहानी है। कंपनी ने मीडिया भागीदारों को इस परिवर्तनकारी यात्रा का हिस्सा बनने और इसे साझा करने का निमंत्रण दिया। सिसकोल का मानना है कि इस प्रक्रिया में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह स्थानीय उद्यम को राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं से जोड़ने का एक प्रमुख माध्यम है।
सिसकोल के बारे में

सिसकोल, जो 2017 में स्थापित हुआ था, भारत की सबसे तेजी से विकसित होती स्ट्रक्चरल स्टील समाधान प्रदाता कंपनियों में से एक है। इसके पास 3,000 से अधिक कर्मचारियों की एक मजबूत टीम है, और वित्त वर्ष 2024-25 में ₹780 करोड़ के ऑर्डर प्रक्रिया के तहत है। सिसकोल अपनी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं को भिलाई, वडोदरा, और हैदराबाद में संचालित करता है और बेंगलुरु, चेन्नई, भिलाई, और हैदराबाद में डिज़ाइन और इंजीनियरिंग केंद्र संचालित करता है।

सिसकोल का स्ट्रक्चरल स्टील देश की कुछ सबसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में उपयोग हो रहा है, जिनमें हवाई अड्डे, पुल, ऊंची इमारतें, स्टेडियम, औद्योगिक संयंत्र, मेट्रो और डेटा सेंटर शामिल हैं। कंपनी अपने उच्च वॉल्यूम और उच्च परिशुद्धता वाली स्टील संरचनाओं के लिए जानी जाती है, जो समय पर गुणवत्ता से समझौता किए बिना प्रदान की जाती हैं।

वैश्विक लीडरशिप का अनुभव रखने वाली उद्योग के दिग्गजों की एक टीम के नेतृत्व में, सिसकोल इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग और क्षेत्रीय प्रभाव का संयोजन करते हुए, भिलाई से लेकर पूरे देश के विकास को आकार दे रहा है।

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

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