औषधीय पादप बोर्ड और लघु वनोपज संघ मिलकर करें कच्चे उत्पादों का विपणन- वनबल प्रमुख

रायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड, रायपुर एवं लघु वनोपज संघ के साथ मिलकर कच्चे उत्पादों के विपणन से संबंधित कार्य किया जाए । छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा संचालक मंडल की नवमी बैठक में यह निर्देश बोर्ड के सदस्य एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने दिए हैं।
अध्यक्ष ने कहा, मिलेगा पूरा सहयोग
बैठक में अध्यक्ष के द्वारा अपने उद्बोधन में उल्लेख किया गया कि छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड, रायपुर को मंत्री, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के द्वारा संपूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा बोर्ड ऑफिस के द्वारा कार्यों को अच्छे व पूर्ण रूप से निर्वाह किया जावे । बैठक में बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड व अधिकारी,कर्मचारी उपस्थित थे ।
बोर्ड की बैठक में शामिल हुए ये अधिकारी
छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा संचालक मंडल की नवमी बैठक गुरुवार को विकास मरकाम, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड, रायपुर के सभागार में हुई जिसमें बोर्ड के सदस्य व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, तपेश कुमार झा, निदेशक, राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, अनिल कुमार साहू, प्रबंध संचालक, छ.ग. राज्य लघु वनोपज संघ, सीबी. लोढे़कर, अपर संचालक, कृषि, राजेश्वरी शुक्ला, अपर संचालक वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, डॉ. अभ्युदय शक्ति तिवारी, सहायक संचालक, आयुष, प्रणय मिश्रा, संयुक्त सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, कंचन बंजारे, स्टेट इंचार्ज, एफआरएलएचटी, बैंगलोर उपस्थित हुए ।
राव ने पेश किया पिछली बैठक का पालन प्रतिवेदन
संचालक मंडल की बैठक में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जेएसीएस राव ने छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के संचालक मंडल के आठवी बैठक में लिए गए निर्णय का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया,तथा बोर्ड द्वारा किए जा रहे प्रचलित कार्य औषधीय पौधा रोपण, कृषिकरण उपरांत विपणन एवं होम हर्बल गार्डन, स्कूल हर्बल गार्डन की स्थापना तथा वैद्य प्रशिक्षण सह सम्मेलन कार्य, इकोलॉजीकल सर्वे, स्थानीय पारंपरिक वैद्यों एवं ग्रामीणों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम, समुदाय से समुदाय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई । बैठक में नवीन एजेण्डा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा रखा गया, जिसे समस्त सदस्यों के द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।




