इन 5 जगहों पर ना बनवाएं पूजा घर, वास्तु दोष से होगा बड़ा नुकसान

पूजा घर को लेकर लोगों में काफी कन्फ्यूजन होता है। इसे कैसे रखना चाहिए? कहां रखना चाहिए? कहां नहीं रखना चाहिए जैसी चीजें कई दफा कन्फ्यूज करने वाली ही होती हैं। बता दें कि घर की कुछ दिशाएं हैं जहां मंदिर को गलती से भी नहीं रखना चाहिए। इन जगहों पर अगर मंदिर रखते हैं या बनाते हैं तो घर में वास्तु दोष लगता है। नीचे विस्तार से जानें कि वास्तुशास्त्र के हिसाब से मंदिर का कहां पर होना शुभ माना जाता है।
यहां ना रखें पूजा घर
वास्तुशास्त्र के हिसाब से पूजा घर कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए। मान्यता है कि इस दिशा में पूजा घर होने से शांति भंग होती है। वहीं गलती से भी पूजा घर कभी भी बेडरूम में नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा किया जाता है तो जिंदगी में नेगेटिव एनर्जी का आगमन होने लगता है। कोशिश करें कि आप पूजा घर बाथरूम के आसपास ना बनवाएं। जगह की कमी के चलते या फिर अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ लोग किचन में भी पूजा घर रख देते हैं। ऐसा करने से जिंदगी में एक के बाद एक दिक्कतें आने लगती हैं। साथ ही कभी भी गलती से पूजा वाली जगह बेसमेंट में नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो बहुत बड़ा वास्तु दोष लग सकता है।
पूजा घर के लिए शुभ जगह
अगर आप घर में मंदिर की स्थापना करने वाले हैं तो ईशान कोण वाली दिशा से बेहतर कुछ नहीं हो सकता है। बता दें कि ईशान कोण घर की उत्तर-पूर्व दिशा को कहते हैं। मान्यता है कि इस दिशा में देवताओं का वास होता है। ऐसे में घर की सबसे अच्छी एनर्जी यही पर होती है। ऐसे में इस दिशा में मंदिर को रखना या बनवाना सबसे शुभ होता है। वहीं घर के मीडिल वाले एरिया में भी मंदिर को रखना शुभ माना जाता है।




