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इजरायल पर हमले में UN स्टाफ के शामिल होने के आरोपों पर भारत

नई दिल्ली. इजरायल की तरफ से संयुक्त राष्ट्र यानी UN की एजेंसी के स्टाफ पर हमास के हमले में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। अब भारत भी ताजा घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए है और इसे बेहद चिंताजनक करार दिया है। UNRWA या संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी के स्टाफ पर आरोप लगने के बाद करीब 9 देशों ने एजेंसी की फंडिंग पर रोक लगा दी है। खास बात है कि एजेंसी को भारत भी काफी योगदान दे चुका है।

भारत ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की ही तरफ से जांच का भी स्वागत किया है। साथ ही इजरायल पर हुए हमास के हमले की भी भारत ने निंदा की है। हमास ने इजरायल पर बीते साल 7 अक्टूबर को हमला कर लिया था और 200 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हमास को खत्म करने तक जंग जारी रखने की बात कह चुके हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल का कहना है, ‘भारत फिलिस्तीन का अहम साझेदार है। हम यूएन के जरिए और द्विपक्षीय तरीके से सहयोग को बढ़ा रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन साथ ही आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति रही है और हम इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि UNRWA का स्टाफ 7 अक्टूबर को हुए हमले में शामिल था। हम इस संबंध में UN की तरफ से शुरू की गई जांच का भी स्वागत करते हैं।’

भारत फिलिस्तीन और फिलिस्तीनी शरणार्थियों को बड़ी मदद पहुंचा चुका है। खबर है कि भारत की तरफ से UN की एजेंसी को 36.5 मिलियन डॉलर की मदद दी जा चुकी है।

बुरी तरह भड़का है इजरायल
एजेंसी वार्ता के अनुसार, नेतन्याहू ने बुधवार को पिछले वर्ष सात अक्टूबर को हमास के हमले में UNRWA के कुछ कर्मचारियों के शामिल होने के आरोपों के बीच एजेंसी को बंद करने का आह्वान किया है। नेतन्याहू ने येरूशलम का दौरा कर रहे आठ देशों के संयुक्त राष्ट्र के राजदूतों से कहा, ‘समय आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और स्वयं संयुक्त राष्ट्र को यह समझ लेना चाहिए कि यूएनआरडब्ल्यूए के मिशन को समाप्त किया जाना चाहिए।’

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

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