इजराइली सेना द्वारा गलती से 3 बंधकों को गोली मारने पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू

येरुशलम : गाजा पट्टी में हमास के ठिकानों पर इजरायली सेना के हमलों के बीच एक बड़ी चूक हो गई. इजरायली सेना ने कहा कि उसके सैनिकों ने शुक्रवार को तीन बंधकों को “गलती से” खतरा समझकर गोली मार दी, जिनसे उनकी मौत हो गई. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को इसे “असहनीय त्रासदी” करार दिया है.
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल ने इस बीच शुक्रवार को गाजा में सहायता मार्ग फिर से खोल दिया, क्योंकि अमेरिका ने हमास के खिलाफ अपने चौतरफा हमले में और अधिक संयम बरतने का आग्रह किया. अमेरिका ने इजराइल के युद्ध आचरण की आलोचना की है. बता दें कि युद्ध तब शुरू हुआ, जब हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल पर एक बड़ा हमला किया, जिसमें इजराइली अधिकारियों का कहना है कि लगभग 1,200 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे.
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बंधकों की मौत को “असहनीय त्रासदी” बताया और कहा, “इसराइल के सभी लोगों के सामने मैं गहरे दुख में अपना सिर झुकाता हूं और अपने तीन प्यारे बेटों के निधन पर शोक व्यक्त करता हूं.”
सेना के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने कहा, “सेना से जो कुछ भी हुआ, उसके लिए मैं ज़िम्मेदार हूं. हमारा मानना है कि तीन इजरायली या तो कैद से भाग निकले थे या आतंकवादियों ने उन्हें छोड़ दिया… हमें अभी इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है.”
सेना ने बंधकों में से दो की पहचान योतम हैम, जिसे हमास के 7 अक्टूबर के हमले के दौरान किबुत्ज़ कफ़र अज़ा से बंधक बनाया था और समेर अल-तलाल्का के रूप में हुई है. अल-तलाल्का को किबुत्ज़ निर अम से अगवा किया गया था. सेना ने बयान में कहा कि परिवार के अनुरोध पर तीसरे बंधक का नाम गुप्त रखा गया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमले के दौरान लगभग 250 लोगों को बंधक बना लिया था, जिसमें 1,139 लोग मारे गए. गाजा में हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, समूह के खिलाफ इजरायल के जवाबी हमलेमें 18,700 से अधिक लोग मारे गए हैं.




