एक ने रेप किया, फिर भी सभी को मिलेगी सजा; गैंगरेप केस में SC का बड़ा फैसला

ई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने गैंगरेप के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा है कि यदि साझा इरादा (कॉमन इंटेंशन) सिद्ध हो जाता है, तो केवल एक व्यक्ति द्वारा बलात्कार का कृत्य करने पर भी सभी शामिल व्यक्तियों को गैंगरेप के लिए दोषी ठहराया जा सकता है। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह फैसला 1 मई को सुनाया।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, पीठ ने कहा, “यह स्पष्ट है कि आईपीसी की धारा 376(2)(g) के अंतर्गत सामूहिक बलात्कार के मामले में यदि सभी ने साझा मंशा के तहत कृत्य किया हो, तो एक आरोपी द्वारा किया गया कृत्य ही सभी को दंडित करने के लिए पर्याप्त है।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस धारा के तहत, यदि एक से अधिक व्यक्तियों ने साझा इरादे के साथ अपराध में भाग लिया, तो यह साबित करने की आवश्यकता नहीं है कि प्रत्येक व्यक्ति ने बलात्कार का कृत्य किया। केवल एक व्यक्ति द्वारा किया गया बलात्कारी कृत्य सभी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त है, बशर्ते साझा इरादा स्थापित हो। यह टिप्पणी मध्य प्रदेश में साल 2004 में एक महिला की किडनैपिंग और गैंगरेप के मामले में आरोपी की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए की गई। आरोपी राजू ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा उसकी सजा को बरकरार रखने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।




