देश विदेशविविध समाचार

अनंत चतुर्दशी व्रत से प्राप्त होते है सभी सुख

हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी व्रत रखा जाता है। इस बार 28 सितंबर को अनंत चतुर्दशी है। इस दिन भगवान विष्णु के विराट स्वरुप की पूजा अर्चना की जाती है।

ऐसी मान्यता है कि विधिवत तरीके और पूरी श्रद्धा के साथ यह व्रत करने वाले भक्तों के सभी दुःख दूर होते हैं और वो सुख को प्राप्त होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन गणेश चतुर्थी के 10 दिन पूरे होते हैं और भक्त पूजा पाठ के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। आइए जानते हैं अनंत चतुर्दशी व्रत की पूजा विधि

अनंत चतुर्दशी व्रत की पूजा विधि:

इस दिन व्रत करने वाले भक्तों को तड़के सुबह उठकर स्नान ध्यान के बाद साफ कपड़े धारण करने चाहिए। इसके बाद पूजाघर की साफ सफाई करने के बाद इसे फूलों से सजाना चाहिए। इसके बाद ममाखिलपापक्षयपूर्वकशुभफलवृद्धये श्रीमदनन्तप्रीतिकामनया अनन्तव्रतमहं करिष्ये इस मंत्र को पढ़ते हुए व्रत का संकल्प करना चाहिए। अनंत सूत्र के हल्दी लगे धागे (अनंत दोरक) को स्थापित करना चाहिए। इसके बाद आम की पत्तियों, धूप, दीप, नैवेद्य और आम के पत्तों से पूजा अर्चना करें। इसके साथ ही भगवान को पंचामृत, पंजीरी, केले और मोदक का प्रसाद भी चढ़ाएं। इसके बाद इस मंत्र नमस्ते देव देवेश नमस्ते धरणीधर। नमस्ते सर्वनागेन्द्र नमस्ते पुरुषोत्तम। इस मंत्र का जाप करते हुए व्रत खोल लें।

मुख्य संपादक यशवंत खेडुलकर

सह सम्पादक शैलेन्द्र चिटनवीस जशपुर जिला

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button